योगी आदित्यनाथ का सख्त निर्देश: खाद की कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस|






खाद की कालाबाजारी पर सख्ती, किसानों को पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश

मुख्य बातें

  • खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश।

  • किसानों को जरूरत के अनुसार पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने पर सरकार का जोर।

  • 7,462 छापों के दौरान 556 लाइसेंस निलंबित, 53 निरस्त और 229.7 टन उर्वरक जब्त।


लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार समय पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि खाद की जमाखोरी, कालाबाजारी और अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कृषि एवं संबंधित विभागों को खाद वितरण व्यवस्था को पूरी तरह व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि वितरण प्रणाली में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है तो उसका तत्काल समाधान किया जाए। साथ ही सभी मंडलों में उर्वरकों की उपलब्धता की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है उर्वरक


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को फसल की आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अफवाहों और भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें तथा जरूरत से अधिक उर्वरक का भंडारण न करें। उनके अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार प्रदेश में अधिक मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

खरीफ सीजन में रिकॉर्ड बिक्री


कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने जानकारी दी कि चालू खरीफ सीजन में 1 अप्रैल से 27 जुलाई तक प्रदेश में 28.25 लाख टन उर्वरक की बिक्री हो चुकी है। वहीं वर्तमान समय में 29.05 लाख टन उर्वरक का स्टॉक उपलब्ध है। इसमें 14.77 लाख टन यूरिया, 4.81 लाख टन डीएपी, 4.90 लाख टन एनपीके, 3.46 लाख टन एसएसपी और 1.10 लाख टन एमओपी शामिल है।

कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई


उर्वरकों की जमाखोरी, ओवररेटिंग, टैगिंग और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए कृषि विभाग ने 1 अप्रैल से 28 जुलाई के बीच 7,462 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की। इस दौरान 1,045 नमूने जांच के लिए लिए गए, जिनमें 25 नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे।

कार्रवाई के तहत 556 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि 53 लाइसेंस निरस्त कर दिए गए। इसके अलावा 705 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, 15 दुकानों की बिक्री पर रोक लगाई गई और 23 दुकानों को सील किया गया। विभाग ने 34 मामलों में एफआईआर दर्ज कराते हुए 229.7 टन उर्वरक का स्टॉक भी जब्त किया है।

मंडलवार यूरिया की उपलब्धता


प्रदेश में विभिन्न मंडलों में यूरिया का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। प्रमुख मंडलों में कानपुर में 1,43,076 टन, लखनऊ में 1,38,186 टन, बरेली में 1,16,987 टन, प्रयागराज में 1,11,070 टन, वाराणसी में 1,09,312 टन तथा आगरा में 95,852 टन यूरिया उपलब्ध है। इसके अलावा गोरखपुर, अलीगढ़, मुरादाबाद, मेरठ, अयोध्या, आजमगढ़, गोंडा, बस्ती, झांसी, चित्रकूट, सहारनपुर और मीरजापुर मंडलों में भी किसानों की जरूरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में यूरिया का भंडार मौजूद है।





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